वैदिक ज्योतिष में धनु राशि
धनु राशि (अंग्रेज़ी में Sagittarius) का प्रतीक धनुर्धर (धनुष) है। वैदिक ज्योतिष में यह अग्नि तत्व की द्विस्वभाव राशि है, और इसके स्वामी ग्रह, यानी राशि स्वामी, बृहस्पति (गुरु) हैं।
राशिफल पढ़ते समय राशि स्वामी का महत्व होता है: बृहस्पति (गुरु) की स्थिति और गति इस राशि के विषयों को प्रभावित करती है। व्यक्तिगत कुंडली में भी जिस भाव में धनु राशि होती है, उस पर यही बात लागू होती है।
| विशेषता | धनु |
|---|---|
| अंग्रेज़ी नाम | Sagittarius |
| प्रतीक | धनुर्धर (धनुष) |
| तत्व | अग्नि |
| स्वभाव | द्विस्वभाव |
| स्वामी ग्रह | बृहस्पति (गुरु) |
क्या मेरी राशि धनु है?
वैदिक ज्योतिष में राशिफल आमतौर पर चंद्र राशि से पढ़ा जाता है, और पाश्चात्य ज्योतिष में सूर्य राशि से। वैदिक ज्योतिष निरयन (सायन नहीं) राशिचक्र का उपयोग करता है, इसलिए जो व्यक्ति पाश्चात्य ज्योतिष में Sagittarius है, वह वैदिक ज्योतिष में अक्सर इससे पिछली राशि का होता है। आपकी कुंडली आपकी चंद्र राशि और लग्न सही-सही बताती है।
ज्योतिष व्याख्या की एक पारंपरिक पद्धति है, विज्ञान नहीं। राशिफल चिंतन और मार्गदर्शन के लिए हैं, इनकी कोई गारंटी नहीं है, और ये चिकित्सा, कानूनी, वित्तीय या मनोवैज्ञानिक सलाह का विकल्प नहीं हैं। हमारा ज्योतिष अस्वीकरण पढ़ें (अंग्रेज़ी में).