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In English: Griha Pravesh is the Hindu house-warming ceremony performed when you first enter a new home. This page lists auspicious dates for 2026, the Panchang factors behind them, and how the ceremony is usually done.

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गृह प्रवेश मुहूर्त 2026: नए घर में सुख-समृद्धि के लिए शुभ समय

क्या आपने नया घर खरीदा है और उसमें सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के साथ प्रवेश करने का सही समय तलाश रहे हैं? वर्ष 2026 में कई शुभ गृह प्रवेश मुहूर्त उपलब्ध हैं, जो आपके नए घर में सकारात्मकता, भाग्य, धन-समृद्धि और पारिवारिक सुख को बढ़ावा देंगे।

गृह प्रवेश क्यों इतना महत्वपूर्ण और आवश्यक है?

गृह प्रवेश (Housewarming) वास्तु शास्त्र में अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। यह वह पवित्र संस्कार है जो नए घर में प्रवेश करने से पहले किया जाता है। वैदिक ज्योतिष और वास्तु के अनुसार, सही मुहूर्त, नक्षत्र, तिथि और समय पर गृह प्रवेश करने से वास्तु दोष दूर होते हैं, नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और घर में देवी-देवताओं का वास होता है। इससे परिवार में शांति, स्वास्थ्य, धन-धान्य की वृद्धि होती है और जीवन में स्थिरता आती है।

नया घर केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं होता, बल्कि यह परिवार की भावनाओं, सपनों और मेहनत का प्रतीक होता है। बुजुर्ग माता-पिता के लिए यह जीवनभर की मेहनत का फल है, जहां वे आराम से रह सकें और आशीर्वाद दे सकें। दंपति के लिए यह प्रेम और साझेदारी का नया अध्याय है, जहां वे अपने सपनों को रंग भर सकें और एक-दूसरे के साथ खुशियां बांट सकें। बच्चों के लिए यह एक सुरक्षित, खुशहाल और स्वतंत्र जगह है जहां वे बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के हंस-खेलकर बड़े हों और अच्छे संस्कार ग्रहण करें।

सही मुहूर्त में गृह प्रवेश न करने से वास्तु दोष, ग्रह पीड़ा, पारिवारिक कलह, आर्थिक अस्थिरता या स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। वहीं, शुभ समय पर यह संस्कार करने से घर में लक्ष्मी-नारायण का स्थायी आशीर्वाद प्राप्त होता है। घर सकारात्मक कंपनों से भर जाता है, जो लंबे समय तक परिवार की रक्षा करता है, समृद्धि लाता है और हर सदस्य के जीवन को सुखमय बनाता है। इसलिए गृह प्रवेश केवल एक रस्म नहीं, बल्कि परिवार के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

सही मुहूर्त चुनना इसलिए जरूरी है क्योंकि यह ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं से जुड़ाव बनाता है। शुभ नक्षत्र (जैसे रोहिणी, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, चित्रा आदि), तिथि और लग्न पर अनुष्ठान करने से घर में सकारात्मक कंपन स्थापित होते हैं।

हिंदू परंपरा में गृह प्रवेश के तीन मुख्य प्रकार

  • अपूर्व गृह प्रवेश – नए निर्मित घर में पहली बार प्रवेश।
  • सपूर्व गृह प्रवेश – लंबे समय बाद घर लौटने पर (जैसे विदेश से वापसी)।
  • द्वंद्व गृह प्रवेश – किसी विपत्ति, मरम्मत या प्राकृतिक आपदा के बाद।

2026 के महीने-वार गृह प्रवेश मुहूर्त (लखनऊ/उत्तर प्रदेश के लिए सामान्य समय)

जनवरी 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त

जनवरी 2026 में शुक्र के अस्त और अन्य अशुभ योगों के कारण कोई शुभ गृह प्रवेश मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।

फरवरी 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त (7 मुहूर्त)

प्रेम और उत्साह के महीने फरवरी में नए घर में प्रवेश का आनंद दोगुना हो जाता है। शुभ तिथियां: 6, 11, 19, 20, 21, 25, 26 फरवरी 2026।

तिथि (दिन)समयनक्षत्र
6 फरवरी 2026 (शुक्रवार)रात 12:23 से 7 फरवरी सुबह 01:18 तकचित्रा-हस्त
11 फरवरी 2026 (बुधवार)सुबह 09:58 से 10:53 तकज्येष्ठा-अनुराधा
19 फरवरी 2026 (गुरुवार)रात 08:52 से 20 फरवरी सुबह 06:55 तकउत्तर भाद्रपद
20 फरवरी 2026 (शुक्रवार)सुबह 06:55 से दोपहर 02:38 तकउत्तर भाद्रपद
21 फरवरी 2026 (शनिवार)दोपहर 01:00 से शाम 07:07 तकरेवती
25 फरवरी 2026 (बुधवार)रात 02:40 से 26 फरवरी सुबह 06:49 तकमृगशिरा
26 फरवरी 2026 (गुरुवार)सुबह 06:49 से दोपहर 12:11 तकमृगशिरा

6 फरवरी 2026 (शुक्रवार)

समय: रात 12:23 से 7 फरवरी सुबह 01:18 तक

नक्षत्र: चित्रा-हस्त

11 फरवरी 2026 (बुधवार)

समय: सुबह 09:58 से 10:53 तक

नक्षत्र: ज्येष्ठा-अनुराधा

19 फरवरी 2026 (गुरुवार)

समय: रात 08:52 से 20 फरवरी सुबह 06:55 तक

नक्षत्र: उत्तर भाद्रपद

20 फरवरी 2026 (शुक्रवार)

समय: सुबह 06:55 से दोपहर 02:38 तक

नक्षत्र: उत्तर भाद्रपद

21 फरवरी 2026 (शनिवार)

समय: दोपहर 01:00 से शाम 07:07 तक

नक्षत्र: रेवती

25 फरवरी 2026 (बुधवार)

समय: रात 02:40 से 26 फरवरी सुबह 06:49 तक

नक्षत्र: मृगशिरा

26 फरवरी 2026 (गुरुवार)

समय: सुबह 06:49 से दोपहर 12:11 तक

नक्षत्र: मृगशिरा

मार्च 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त (6 मुहूर्त)

वसंत के आगमन के साथ नई उम्मीदें और खुशियां लाने वाला महीना। शुभ तिथियां: 4, 5, 6, 9, 13, 14 मार्च 2026।

तिथि (दिन)समयनक्षत्र
4 मार्च 2026 (बुधवार)सुबह 07:39 से 5 मार्च सुबह 06:42 तकउत्तराफाल्गुनी
5 मार्च 2026 (गुरुवार)सुबह 06:42 से 08:17 तकउत्तराफाल्गुनी
6 मार्च 2026 (शुक्रवार)सुबह 09:29 से शाम 05:53 तकचित्रा
9 मार्च 2026 (सोमवार)रात 11:27 से 10 मार्च सुबह 06:37 तकअनुराधा
13 मार्च 2026 (शुक्रवार)रात 03:03 से 14 मार्च सुबह 06:32 तकउत्तराषाढ़ा
14 मार्च 2026 (शनिवार)सुबह 06:32 से 15 मार्च सुबह 04:49 तकउत्तराषाढ़ा

4 मार्च 2026 (बुधवार)

समय: सुबह 07:39 से 5 मार्च सुबह 06:42 तक

नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी

5 मार्च 2026 (गुरुवार)

समय: सुबह 06:42 से 08:17 तक

नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी

6 मार्च 2026 (शुक्रवार)

समय: सुबह 09:29 से शाम 05:53 तक

नक्षत्र: चित्रा

9 मार्च 2026 (सोमवार)

समय: रात 11:27 से 10 मार्च सुबह 06:37 तक

नक्षत्र: अनुराधा

13 मार्च 2026 (शुक्रवार)

समय: रात 03:03 से 14 मार्च सुबह 06:32 तक

नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा

14 मार्च 2026 (शनिवार)

समय: सुबह 06:32 से 15 मार्च सुबह 04:49 तक

नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा

अप्रैल 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त (1 मुहूर्त)

वसंत का चरम और फूलों की महक से भरपूर महीना।

तिथि (दिन)समयनक्षत्र
20 अप्रैल 2026 (सोमवार)सुबह 05:51 से 07:27 तकरोहिणी

20 अप्रैल 2026 (सोमवार)

समय: सुबह 05:51 से 07:27 तक

नक्षत्र: रोहिणी

मई 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त (3 मुहूर्त)

तिथि (दिन)समयनक्षत्र
4 मई 2026 (सोमवार)सुबह 05:38 से 09:58 तकअनुराधा
8 मई 2026 (शुक्रवार)दोपहर 12:21 से रात 09:20 तकउत्तराषाढ़ा
13 मई 2026 (बुधवार)सुबह 05:32 से दोपहर 01:29 तकउत्तर भाद्रपद

4 मई 2026 (सोमवार)

समय: सुबह 05:38 से 09:58 तक

नक्षत्र: अनुराधा

8 मई 2026 (शुक्रवार)

समय: दोपहर 12:21 से रात 09:20 तक

नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा

13 मई 2026 (बुधवार)

समय: सुबह 05:32 से दोपहर 01:29 तक

नक्षत्र: उत्तर भाद्रपद

जून 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त (3 मुहूर्त)

तिथि (दिन)समयनक्षत्र
24 जून 2026 (बुधवार)सुबह 05:25 से दोपहर 01:59 तकचित्रा
26 जून 2026 (शुक्रवार)रात 10:22 से 27 जून सुबह 05:25 तकअनुराधा
27 जून 2026 (शनिवार)सुबह 05:25 से रात 10:11 तकअनुराधा

24 जून 2026 (बुधवार)

समय: सुबह 05:25 से दोपहर 01:59 तक

नक्षत्र: चित्रा

26 जून 2026 (शुक्रवार)

समय: रात 10:22 से 27 जून सुबह 05:25 तक

नक्षत्र: अनुराधा

27 जून 2026 (शनिवार)

समय: सुबह 05:25 से रात 10:11 तक

नक्षत्र: अनुराधा

जुलाई 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त (3 मुहूर्त)

तिथि (दिन)समयनक्षत्र
1 जुलाई 2026 (बुधवार)सुबह 06:51 से 2 जुलाई सुबह 05:27 तकउत्तराषाढ़ा
2 जुलाई 2026 (गुरुवार)सुबह 05:27 से 09:27 तकउत्तराषाढ़ा
6 जुलाई 2026 (सोमवार)दोपहर 04:07 से 7 जुलाई सुबह 05:29 तकउत्तर भाद्रपद

1 जुलाई 2026 (बुधवार)

समय: सुबह 06:51 से 2 जुलाई सुबह 05:27 तक

नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा

2 जुलाई 2026 (गुरुवार)

समय: सुबह 05:27 से 09:27 तक

नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा

6 जुलाई 2026 (सोमवार)

समय: दोपहर 04:07 से 7 जुलाई सुबह 05:29 तक

नक्षत्र: उत्तर भाद्रपद

अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त

चातुर्मास (विष्णु योग निद्रा) के कारण इन महीनों में कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। यह समय आध्यात्मिक साधना, पूजा-पाठ और आत्म-चिंतन के लिए उत्तम है।

नवंबर 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त (6 मुहूर्त)

तिथि (दिन)समयनक्षत्र
11 नवंबर 2026 (बुधवार)सुबह 06:40 से 11:38 तकअनुराधा
14 नवंबर 2026 (शनिवार)रात 08:24 से 11:23 तकउत्तराषाढ़ा
20 नवंबर 2026 (शुक्रवार)सुबह 06:56 से 21 नवंबर सुबह 06:31 तकउत्तर भाद्रपद
21 नवंबर 2026 (शनिवार)सुबह 04:56 से 22 नवंबर सुबह 05:54 तकअश्विनी-रेवती
25 नवंबर 2026 (बुधवार)सुबह 06:52 से 26 नवंबर सुबह 06:52 तकरोहिणी-मृगशिरा
26 नवंबर 2026 (गुरुवार)सुबह 06:52 से शाम 05:47 तकमृगशिरा

11 नवंबर 2026 (बुधवार)

समय: सुबह 06:40 से 11:38 तक

नक्षत्र: अनुराधा

14 नवंबर 2026 (शनिवार)

समय: रात 08:24 से 11:23 तक

नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा

20 नवंबर 2026 (शुक्रवार)

समय: सुबह 06:56 से 21 नवंबर सुबह 06:31 तक

नक्षत्र: उत्तर भाद्रपद

21 नवंबर 2026 (शनिवार)

समय: सुबह 04:56 से 22 नवंबर सुबह 05:54 तक

नक्षत्र: अश्विनी-रेवती

25 नवंबर 2026 (बुधवार)

समय: सुबह 06:52 से 26 नवंबर सुबह 06:52 तक

नक्षत्र: रोहिणी-मृगशिरा

26 नवंबर 2026 (गुरुवार)

समय: सुबह 06:52 से शाम 05:47 तक

नक्षत्र: मृगशिरा

दिसंबर 2026 में गृह प्रवेश मुहूर्त (8 मुहूर्त)

तिथि (दिन)समयनक्षत्र
2 दिसंबर 2026 (बुधवार)रात 10:51 से 3 दिसंबर सुबह 06:58 तकउत्तराफाल्गुनी
3 दिसंबर 2026 (गुरुवार)सुबह 06:58 से 09:23 तकउत्तराफाल्गुनी
4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार)सुबह 10:22 से रात 11:44 तकचित्रा
11 दिसंबर 2026 (शुक्रवार)रात 03:04 से 12 दिसंबर सुबह 07:04 तकउत्तराषाढ़ा
12 दिसंबर 2026 (शनिवार)सुबह 07:04 से दोपहर 02:06 तकउत्तराषाढ़ा
18 दिसंबर 2026 (शुक्रवार)रात 11:14 से 19 दिसंबर सुबह 07:09 तकरेवती
19 दिसंबर 2026 (शनिवार)सुबह 07:09 से दोपहर 03:58 तकरेवती
30 दिसंबर 2026 (बुधवार)सुबह 07:13 से दोपहर 12:36 तकउत्तराफाल्गुनी

2 दिसंबर 2026 (बुधवार)

समय: रात 10:51 से 3 दिसंबर सुबह 06:58 तक

नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी

3 दिसंबर 2026 (गुरुवार)

समय: सुबह 06:58 से 09:23 तक

नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी

4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार)

समय: सुबह 10:22 से रात 11:44 तक

नक्षत्र: चित्रा

11 दिसंबर 2026 (शुक्रवार)

समय: रात 03:04 से 12 दिसंबर सुबह 07:04 तक

नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा

12 दिसंबर 2026 (शनिवार)

समय: सुबह 07:04 से दोपहर 02:06 तक

नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा

18 दिसंबर 2026 (शुक्रवार)

समय: रात 11:14 से 19 दिसंबर सुबह 07:09 तक

नक्षत्र: रेवती

19 दिसंबर 2026 (शनिवार)

समय: सुबह 07:09 से दोपहर 03:58 तक

नक्षत्र: रेवती

30 दिसंबर 2026 (बुधवार)

समय: सुबह 07:13 से दोपहर 12:36 तक

नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) - गृह प्रवेश 2026

प्रश्न 1: गृह प्रवेश मुहूर्त का चयन क्यों इतना महत्वपूर्ण है?

गृह प्रवेश मुहूर्त का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह घर में प्रवेश करने वाले समय को ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं से जोड़ता है। शुभ मुहूर्त में प्रवेश करने से वास्तु दोष, ग्रह दोष और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इससे घर में लक्ष्मी-नारायण का वास होता है, परिवार में सुख-शांति बढ़ती है, स्वास्थ्य अच्छा रहता है, धन-समृद्धि आती है और जीवन में स्थिरता बनी रहती है। गलत समय पर प्रवेश करने से अनावश्यक परेशानियां, आर्थिक हानि या पारिवारिक तनाव हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञ ज्योतिषी या वास्तु विशेषज्ञ से परामर्श लेकर ही मुहूर्त तय करना चाहिए।

प्रश्न 2: गृह प्रवेश के लिए सबसे शुभ नक्षत्र कौन-से माने जाते हैं?

गृह प्रवेश के लिए रोहिणी, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपद, अनुराधा, चित्रा, हस्त, रेवती, मृगशिरा जैसे नक्षत्र अत्यंत शुभ माने जाते हैं। ये नक्षत्र सकारात्मक ऊर्जा, स्थिरता, समृद्धि और पारिवारिक सुख प्रदान करते हैं। विशेष रूप से रोहिणी और उत्तराषाढ़ा को गृह प्रवेश के लिए सर्वोत्तम माना जाता है क्योंकि इनमें लक्ष्मी और विष्णु का प्रभाव अधिक होता है।

प्रश्न 3: लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में गृह प्रवेश मुहूर्त में अंतर क्यों हो सकता है?

ये मुहूर्त सामान्य भारतीय समय (IST) और दिल्ली/उत्तर भारत के पंचांग पर आधारित हैं। लखनऊ में स्थानीय पंचांग, सूर्योदय-सूर्यास्त समय, लग्न और कुंडली के अनुसार थोड़ा अंतर (5-15 मिनट) हो सकता है। इसलिए व्यक्तिगत कुंडली, घर की दिशा और वास्तु दोष देखकर अनुभवी ज्योतिषी से सटीक समय लेना सबसे उत्तम है। सामान्य मुहूर्त से काम चल सकता है, लेकिन व्यक्तिगत परामर्श से 100% शुभ फल मिलता है।

प्रश्न 4: गृह प्रवेश पूजा में क्या-क्या शामिल करना चाहिए?

गृह प्रवेश में मुख्य रूप से गणेश पूजा, नवग्रह पूजा, वास्तु पूजा, लक्ष्मी-नारायण पूजा, कलश स्थापना, हवन और दुग्ध-चावल का प्रसाद शामिल होता है। घर में सबसे पहले दूध उबालकर चावल डालें (क्षीर), फिर परिवार के सदस्य दाएं पैर से प्रवेश करें। मुख्य द्वार पर स्वस्तिक, ओम और लक्ष्मी चिन्ह बनाएं। पूजा के बाद ब्राह्मणों को दक्षिणा दें और गरीबों को दान करें। यह सब सकारात्मक ऊर्जा को मजबूत करता है।

प्रश्न 5: क्या चातुर्मास में गृह प्रवेश किया जा सकता है?

नहीं, चातुर्मास (अगस्त-अक्टूबर) में भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित हैं। यह समय पूजा-पाठ, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। यदि बहुत आवश्यक हो तो विशेषज्ञ से परामर्श लें, लेकिन सामान्यतः इन महीनों में गृह प्रवेश नहीं किया जाता।

अपने नए घर को सुख-शांति का आशियाना बनाएं!

गृह प्रवेश मुहूर्त का चयन आपके परिवार के भविष्य को प्रभावित करता है। सही समय पर यह संस्कार करने से घर में लक्ष्मी का वास होता है, वास्तु दोष नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। ये मुहूर्त सामान्य हैं; लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में स्थानीय पंचांग, कुंडली और वास्तु दोष के अनुसार थोड़ा बदलाव हो सकता है। अधिकतम लाभ के लिए अनुभवी वास्तु विशेषज्ञ या ज्योतिषी से परामर्श लें।

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